हल्द्वानी : बनभूलपुरा बवाल के बाद संवेदनशील क्षेत्र में कर्फ्यू जारी है। इंटरनेट सेवा भी बाधित है। अब तक सपा नेता समेत 30 उपद्रवी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें दो निवर्तमान पार्षद भी हैं। घटना का मुख्य साजिशकर्ता अब्दुल मलिक अब भी फरार है। नगर निगम ने बवाल की क्षतिपूर्ति के लिए मलिक को 2.44 करोड़ रुपये की वसूली का नोटिस भेज दिया है। वहीं 150 से अधिक संदिग्ध लोग हिरासत में लिए गए हैं। जिला प्रशासन ने बनभूलपुरा में जारी किए गए 127 शस्त्र लाइसेंस भी निलंबित कर दिए हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अतिक्रमण से मुक्त की गई जमीन पर थाना बनाने की घोषणा की है।
बनभूलपुरा में आठ फरवरी को एक एकड़ सरकारी जमीन (नजूल ) पर बने मदरसे व नमाज स्थल को तोड़ने गई प्रशासन व पुलिस टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया था। तभी से कर्फ्यू लगा दिया था। हालांकि संवेदनशील क्षेत्र बनभूलपुरा के अतिरिक्त कर्फ्यू हटा दिया है। सोमवार को मुख्य बाजार भी खुल गया लेकिन चहल-पहल कम रही। बाकी क्षेत्रों में स्कूल भी खुल गए हैं। ट्रेन सेवा हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से भी बहाल हो चुकी है।
कर्फ्यूग्रस्त क्षेत्र में इंटरनेट सेवा अभी बंद है। सुरक्षा के लिहाज से आइटीबीपी की चार कंपनियां पहुंच चुकी है। एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा का कहना है कि अब्दुल मलिक की तलाश की जा रही है। पकड़े गए सभी 25 उपद्रवियों को जेल भेज दिया है। सात तमंचे और 153 कारतूस भी पुलिस ने बरामद किए हैं। इनमें से 54 कारतूस अवैध हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार मलिक की अंतिम लोकेशन दिल्ली में मिली है। चार टीमें संभावित जगहों पर दबिश दे रही है।
शाम को नगर निगम सभागार में पीस कमेटी की बैठक हुई। इसमें डीएम वंदना व एसएसपी ने मौलानाओं से कहा कि आप उपद्रवियों को हमारे हवाले करने में सहयोग करें और जब माहौल पूरी तरह ठीक लगेगा तभी बनभूलपुरा क्षेत्र से कर्फ्यू हटवाएंगे। इधर, केंद्रीय रक्षा व पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि बनभूलपुरा बवाल में जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बनभूलपुरा में जिस जगह से अतिक्रमण हटाया गया है। वहां पर पुलिस थाने का निर्माण किया जाएगा। हमारी सरकार का उपद्रवियों और दंगाइयों को यह स्पष्ट संदेश है कि देवभूमि की शांति से खिलवाड़ करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। ऐसे उपद्रवियों के लिए कोई स्थान नहीं है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री