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अंतिम मतदाता सूची जारी, नाम छूट गया है तो अभी भी मिलेगा मौका; बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन

देहरादून: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी हो गई है। प्रदेश की नई सूची में कुल 71,58,949 मतदाता शामिल हैं। हालांकि, अंतिम सूची जारी होने के बाद भी पात्र लोगों के लिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का रास्ता खुला रहेगा। इसके लिए निर्वाचन विभाग विशेष अभियान चलाएगा और बीएलओ घर-घर जाकर छूटे पात्र मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।

अंतिम सूची में 37,37,701 पुरुष, 34,21,036 महिला और 212 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। एसआईआर शुरू होने से पहले एक जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर प्रदेश की मतदाता सूची में 79,60,762 मतदाता दर्ज थे। गणना फार्म के वितरण और संकलन के बाद 14 जुलाई को प्रकाशित प्रारूप सूची में 71,33,785 मतदाता रह गए थे।

दावे-आपत्तियों के बाद जुड़े 1.29 लाख नाम

प्रारूप सूची के प्रकाशन के बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां ली गईं। इनके निस्तारण के बाद अंतिम सूची में 1,29,872 नए मतदाता जोड़े गए, जबकि नियमानुसार 1,04,708 नाम विलोपित किए गए। इसके बाद तीन अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया।

18-19 वर्ष के 72,656 मतदाता

नई सूची में पहली बार मतदान की उम्र के करीब पहुंच रहे युवाओं की संख्या भी उल्लेखनीय है। प्रदेश में 18-19 आयुवर्ग के 72,656 मतदाता दर्ज हैं। वहीं 80 वर्ष से अधिक आयु के 1,22,892 मतदाता सूची में शामिल हैं। प्रदेश में कुल 12,543 मतदेय स्थल हैं।

अंतिम सूची के बाद भी चलेगा विशेष अभियान

निर्वाचन विभाग के अनुसार, ऐसे पात्र लोग जिनका नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाया है, वे फार्म-6 के माध्यम से नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन भारत निर्वाचन आयोग के नेट ऐप पर ऑनलाइन अथवा बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन किया जा सकेगा।
बीएलओ प्री-एसआईआर की मतदाता सूची का वर्तमान सूची से मिलान करेंगे। इसके आधार पर छूटे हुए मतदाताओं की बूथवार सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद बीएलओ घर-घर जाकर संबंधित लोगों की वर्तमान स्थिति का सत्यापन करेंगे और पात्र पाए जाने पर फार्म-6 भरने में सहायता करेंगे।

इन क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस

विशेष अभियान में पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के साथ ही छूटे हुए पात्र मतदाताओं को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा नाइट शेल्टर, श्रमिक बस्तियों, बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों को मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष बूथ स्तरीय शिविर लगाए जाएंगे।
बीएलओ द्वारा तैयार बूथवार सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ भी साझा की जाएगी। निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी भी संबंधित सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएंगे, ताकि पात्र लेकिन छूटे हुए मतदाताओं को नाम जुड़वाने का अवसर मिल सके।

कहां देख सकते हैं मतदाता सूची

अतिम मतदाता सूची भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की वेबसाइट पर देखी जा सकती है। इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के कार्यालय तथा संबंधित बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है।

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