Blog

पासबुक लाइट’ पर एक लाग-इन से दिखेगा ईपीएफ खाते का पूरा ब्योरा, खुद पीएफ खाता ट्रांसफर कराने का भी मिला विकल्प

देहरादूनः कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से जुड़े सुधारों की ताजा कड़ी में ईपीएफओ ने अब एक नई सेवा ‘पासबुक लाइट’ शुरू की है। इसके तहत अब इसके सात करोड़ से अधिक सदस्य ईपीएफओ पोर्टल पर एक ही लाग-इन से अपने खाते से जुड़े सारे विवरण हासिल कर सकेंगे।

अभी ईपीएफ सदस्यों को अपने भविष्य निधि अंशदान, अग्रिम निकासी से लेकर खाते का ब्योरा जानने के लिए पासबुक पोर्टल पर अलग-अलग लाग-इन करना पड़ता है। साथ ही नौकरी बदलने पर पीएफ खाता ट्रांसफर को भी अधिक सहज बनाने के लिए अब कर्मचारी को खुद ही पोर्टल से पीडीएफ प्रारूप में फार्म-के सीधे डाउनलोड कर इसे जमा कराने का विकल्प दिया गया है, ताकि पीएफ खाता ट्रांसफर को त्वरित, पारदर्शी और सहज बनाया जा सके।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने पत्रकारों को बताया कि ईपीएफओ ने अपने सदस्य पोर्टल पर ‘पासबुक लाइट’ नामक एक नई सुविधा शुरू की है। इसके जरिये सदस्य सीधे अपने पोर्टल पर अपने पीएफ खाते का समग्र पासबुक देख पाएंगे, जिसमें अंशदान, निकासी और नवीनतम बैलेंस दिखेगा। इस सुधार से पासबुक पोर्टल पर कम लोड पड़ेगा और संचालन क्षमता बढ़ेगी। हमारा लक्ष्य है कि ईपीएफ की कि सारी प्रमुख सेवाएं एक ही लाग-इन से मिले, जिससे सदस्यों को सहजता हो तथा शिकायतें कम हो। पासबुक लाइट गुरुवार से ही ईपीएफ अशंधारकों के पोर्टल पर उपलब्ध है।

पीएफ ट्रांसफर के लिए नई सुविधा

पीएफ ट्रांसफर के लिए सदस्यों को नई सुविधा दी गई है कि वे सीधे सदस्य पोर्टल पर फार्म-के पीडीएफ रूप में डाउनलोड कर सकते हैं। इससे पीएफ खाता ट्रांसफर की प्रगति आनलाइन सदस्य खुद ट्रैक कर सकेंगे। इसका फायदा यह भी होगा कि सदस्यों को आसानी से यह मालूम चल जाएगा कि उनका पीएफ खाता सही तरीके से ट्रांसफर हुआ है या नहीं। अर्थात सदस्यों को अपने पुराने पीएफ की बैलेंस राशि, नौकरी की अवधि आदि सही तरीके से अपडेट हुई है या नहीं, इसका पता लग जाएगा। भविष्य की जरूरतों खासकर सेवानिवृत्ति के बाद ईपीएस पेंशन की गणना के लिहाज से पीएफ खातों का सही विवरण होना सदस्यों के लिए अहम है। वर्तमान में पीएफ खाते का ट्रांसफर नए नियोक्ता के माध्यम से आनलाइन फार्म-13 के जरिये होता है।

दावा निपटाने में नहीं होगा विलंब

ईपीएफ में जारी सुधारों की चर्चा करते हुए मांडविया ने कहा कि कई सेवाओं जैसे पीएफ ट्रांसफर, भुगतान, अग्रिम निकासी, रिफंड आदि के लिए पहले उच्च स्तर के अधिकारियों की मंजूरी आवश्यक होती थी। इस बहुस्तरीय प्रक्रिया के कारण सदस्यों के दावे का निपटारा करने में विलंब होता था। मगर ईपीएफ ने कई सुधारात्मक कदम उठाकर इसे आसान बनाया है।

Namaskar Live

सोशल मीडिया के इस दौर में खबरों को लेकर भ्रांतियां पैदा हो रही है। ऐसे में आम पाठक को सही खबरें नहीं मिल पा रही है। उसे हकीकत और तथ्यपूर्ण खबरों से रूबरू कराने के लिए ही मैंने यह पोर्टल बनाया है। संपादक तनुजा जोशी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button