
चंपावत/टनकपुर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेल में उत्तराखंड का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को जल्द नौकरी मिलेगी। पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति देने की प्रक्रिया गतिमान है। अब तक 29 खिलाड़ियों को नौकरी दी जा चुकी है, जबकि 235 से अधिक राष्ट्रीय खेल पदक विजेताओं की नौकरी की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इसके संबंध में विज्ञप्ति जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने मंगलवार को स्पोर्ट्स स्टेडियम टनकपुर में मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहला खेल विश्वविद्यालय शुरू हो चुका है, जो खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशी की बात है। खिलाड़ियों की सबसे बड़ी पहचान उनकी ऊर्जा और अनुशासन है। खेल और स्वस्थ शरीर मजबूत राष्ट्र का निर्माण करते हैं। खेल ही उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य का आधार है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के माध्यम से प्रदेश की छिपी प्रतिभाओं को मंच मिलेगा। इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक खिलाड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता की शुरुआत 662 न्याय पंचायतों से हो रही है और प्रतिभाएं आगे बढ़ते हुए राजधानी तक पहुंचेंगी। सरकार का उद्देश्य शून्य से शिखर तक प्रतिभाओं को पहुंचाना है। न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार दिए जाएंगे। राज्य स्तर के विजेताओं को चार प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण भी मिलेगा।
सीएम ने कहा कि राष्ट्रीय खेल में प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर उत्तराखंड का नाम रोशन किया। देश के युवा किसी भी देश के खिलाड़ियों के साथ दमखम से मुकाबला करने में सक्षम हैं। सरकार खेल नीति के तहत खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही है। खिलाड़ियों को बीमा देने के साथ खेल सुविधाओं और भौतिक ढांचे को विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि महिला स्पोर्ट्स कॉलेज राज्य ही नहीं, बल्कि देश का पहला ऐसा स्पोर्ट्स कॉलेज है, जो बेटियों को समर्पित है। खिलाड़ियों के शिक्षण और प्रशिक्षण के लिए अनेक अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ‘एक जनपद, एक खेल’ के माध्यम से भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक जिले की एक खेल के रूप में पहचान बने और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिल सके। सरकार का लक्ष्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड के खिलाड़ी अधिक से अधिक पदक जीतें।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे सेवाकाल में कुछ लोगों ने बच्चों और युवाओं के सपनों की बलि चढ़ाने का काम किया और प्रदेश को गर्त में धकेला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास काम करने की नीयत नहीं थी और सत्ता को सुख-सुविधा का साधन माना गया। आज सरकार काम कर रही है तो विपक्ष बौखला रहा है और जनता में भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। उन्होंने युवाओं से पूरी लगन और ईमानदारी से मेहनत करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार प्रतिभाओं को निखारने और उनका भविष्य सुरक्षित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
न्याय पंचायत से शुरू होगी ट्रॉफी की यात्रा
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी की शुरुआत ग्राउंड जीरो से की जा रही है। मोहनपुर रामबाग न्याय पंचायत से इसकी शुरुआत हो रही है। यह यात्रा न्याय पंचायत से मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी तक पहुंचेगी। ट्रॉफी प्राप्त करने वाली टीम को पांच लाख रुपये की पुरस्कार धनराशि से सम्मानित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि 29 अगस्त को मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को बड़ी सौगात देते हुए स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय की शुरुआत की है। यह विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के साथ खिलाड़ियों के हुनर को निखारने का काम करेगा। खेल के साथ खिलाड़ियों का भविष्य भी बनेगा। उन्होंने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेल के विजेताओं के लिए जल्द ही नौकरी की विज्ञप्ति जारी होगी।
2.5 लाख खिलाड़ियों ने कराया पंजीकरण
सचिव अमित सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी खेल महाकुंभ का दूसरा चरण है। पिछले वर्ष खेल महाकुंभ में 11.2 करोड़ रुपये पुरस्कार के रूप में खिलाड़ियों को वितरित किए गए थे और 2.2 लाख खिलाड़ियों ने इसमें हिस्सा लिया था। इस बार अब तक 2.5 लाख खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है। आयोजन का उद्देश्य दूरस्थ ग्रामों और न्याय पंचायतों के खिलाड़ियों को मंच उपलब्ध कराना है। प्रतियोगिता एक सितंबर से 30 अक्टूबर तक चलेगी।



