
हरिद्वार: आर्डर किए गए साइज से छोटे साइज का पिज्जा डिलीवर करने और रिफंड न देने के मामले में जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग ने आनलाइन डिलीवरी प्लेटफार्म पर जुर्माना लगाया है।
आयोग ने उपभोक्ता को पिज्जा की कीमत, डिलीवरी चार्ज, क्षतिपूर्ति और वाद खर्च के रूप में 10 हजार 520 रुपये अदा करने का आदेश दिया है।
चंद्रलोक, ज्वालापुर हरिद्वार निवासी राज त्रेहन ने उपभोक्ता संरक्षण आयोग में मैसर्स बंडल टैक्नोलाजिस प्राइवेट लिमिटेड ग्राउंड फ्लोर यूनिट नंबर-1, आइटी पार्क, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून व कैफे फोस्ट फैक्ट्री केयर आफ होटल देव पैलेस, बदरीनाथ रोड, निकट स्टेट बैंक आफ इंडिया तपोवन, टिहरी गढ़वाल के खिलाफ एक शिकायत पांच जनवरी 2022 को दायर की थी।
जिसमें कहा था कि 10 मार्च 2020 को उन्होंने स्वीगी मोबाइल एप के जरिये कैफे फोस्ट फैक्ट्री तपोवन, टिहरी गढ़वाल से 505 रुपये मूल्य के दो पिज्जा आर्डर किए थे। एप पर पिज्जा का साइज 10 इंच दर्शाया गया था, लेकिन डिलीवरी मिलने पर पिज्जा का आकार केवल सात इंच निकला। उपभोक्ता ने तुरंत कस्टमर केयर से संपर्क किया। कंपनी ने शिकायत से सहमत होने के बावजूद रिफंड देने से मना कर दिया।
इसके बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन और केंद्रीय लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली पर शिकायत दर्ज कराने के साथ कानूनी नोटिस भी भेजा। आयोग के अध्यक्ष गगन कुमार गुप्ता, सदस्य डा. अमरेश रावत और रंजना गोयल ने पाया कि आर्डर स्वीकार करने से लेकर डिलीवरी तक की पूरी सेवा श्रृंखला में शामिल होने के कारण सेवा में कमी के दोषी पाया। दोनों कंपनियों को आदेश दिया है कि 45 दिन के भीतर शिकायतकर्ता को पिज्जा का मूल्य 505 रुपये, डिलीवरी चार्ज 15 रुपये, मानसिक व शारीरिक मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में पांच हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये का भुगतान करें।



