
देहरादून: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल किया कि यदि दुष्यंत गौतम वीवीआइपी नहीं हैं तो फिर वह कौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में कथित वीवीआइपी की भूमिका की जांच करने के बजाय उन्हें सिक्किम का राज्यपाल बनाकर सम्मानित किया गया।
गोदियाल ने कहा कि अंकिता के बुजुर्ग माता-पिता को न्याय मिलने में हो रही देरी चिंताजनक है। जिस प्रकार मामले के तीन अभियुक्त जेल में हैं, उसी प्रकार कथित वीवीआइपी को भी जेल में होना चाहिए।
बुधवार को कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में गोदियाल ने कहा कि अंकिता के माता-पिता जिस वीवीआइपी का नाम ले रहे हैं, जांच एजेंसियों को उनके बयान दर्ज कर संबंधित व्यक्ति की भूमिका की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सीबीआइ ने दुष्यंत गौतम से पूछताछ की है। गोदियाल ने आरोप लगाया कि दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाकर मोदी सरकार ने उत्तराखंड की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई पूरे उत्तराखंड की: हरीश रावत
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी के स्वजन को न्याय दिलाने की लड़ाई केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे उत्तराखंड की जनता और उसके स्वाभिमान से जुड़ा विषय है। यह प्रदेश के हर मां-बाप की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता को न्याय मिलना चाहिए और मामले से जुड़े सभी सवालों के जवाब निष्पक्ष तरीके से सामने आने चाहिए।
हरीश रावत ने दिल्ली में अंकिता के माता-पिता के धरने का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने धरने में शामिल होकर परिवार के प्रति समर्थन व्यक्त किया। उनके अनुसार, इससे अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता सामने आई।



