राम माधव, बांसुरी और मेनन के बाद शर्मा की एंट्री भाजपा ने उत्तराखंड संगठन की शीर्ष टीम की तस्वीर की साफ

देहरादून: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा ने प्रदेश संगठन की शीर्ष व्यवस्था को लगभग पूरा कर लिया है। प्रदेश प्रभारी के रूप में राम माधव और सह प्रभारियों के रूप में बांसुरी स्वराज व अरविंद मेनन की नियुक्ति के बाद पार्टी ने अब प्रदेश महामंत्री संगठन के रिक्त पद पर फणीन्द्र नाथ शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही प्रदेश संगठन में लंबे समय से रिक्त चल रहे प्रमुख पदों पर नियुक्तियों का क्रम पूरा हो गया है।
भाजपा के लिहाज से इन नियुक्तियों का समय महत्वपूर्ण है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी पहले ही संगठनात्मक तैयारियां तेज कर चुकी है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर से प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारियों की नई टीम तथा संगठन के स्तर पर महामंत्री संगठन की नियुक्ति को चुनावी तैयारी को गति देने वाली कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी नई टीम के सामने संगठन और चुनावी तैयारियों का खाका रखने की बात कह चुके हैं। 25 सितंबर को प्रस्तावित प्रदेश कोर कमेटी की बैठक में नई टीम के साथ संगठनात्मक और चुनावी तैयारियों पर चर्चा होगी।
संगठन की मशीनरी अब पूरी
भाजपा में प्रदेश प्रभारी राजनीतिक-संगठनात्मक समन्वय और केंद्रीय नेतृत्व से संवाद की अहम कड़ी होते हैं, जबकि महामंत्री संगठन की भूमिका संगठन के दैनिक संचालन, कार्यकर्ताओं से संपर्क और बूथ से लेकर मंडल स्तर तक संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय रखने में महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारियों के बाद संगठन महामंत्री की नियुक्ति से प्रदेश संगठन की शीर्ष व्यवस्था अब स्पष्ट हो गई है।
फणीन्द्र नाथ शर्मा के लिए उत्तराखंड नया संगठनात्मक दायित्व होगा। वह हरियाणा भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री के रूप में लंबे समय से काम कर रहे हैं। उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों में बूथ सशक्तीकरण, मंडल स्तर की सक्रियता और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर लगातार जोर दिखाई देता है।
बूथ से चुनाव प्रबंधन तक अनुभव
हरियाणा में संगठनात्मक और चुनावी तैयारियों के दौरान शर्मा ने बूथ समिति, पन्ना प्रमुख, शक्ति केंद्र और माइक्रो बूथ मैनेजमेंट जैसे विषयों पर काम किया है। 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में उन्होंने बूथ समितियों को सक्रिय करने और विधानसभा स्तर पर चुनाव प्रबंधन की समीक्षा पर जोर दिया था।
उत्तराखंड में उनके सामने भी संगठनात्मक स्तर पर बूथ तैयारियों को चुनावी रणनीति से जोड़ने की चुनौती होगी। पहाड़ और मैदान की अलग-अलग राजनीतिक-सामाजिक परिस्थितियों में संगठन की पहुंच, कार्यकर्ता तंत्र की सक्रियता और सरकार के काम को बूथ तक पहुंचाने की रणनीति उनकी प्राथमिकताओं में रह सकती है।
तीन स्तर पर स्पष्ट हुई नई टीम
राम माधव को प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के साथ बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन को सह प्रभारी बनाया गया है। इसके बाद संगठन महामंत्री की नियुक्ति ने पार्टी की प्रदेश चुनावी टीम को तीन स्तरों पर स्पष्ट कर दिया है। केंद्रीय नेतृत्व की राजनीतिक निगरानी, प्रदेश नेतृत्व के साथ समन्वय और संगठन महामंत्री के माध्यम से जमीनी संगठन का संचालन अब इस व्यवस्था के प्रमुख हिस्से होंगे।
भाजपा अब विधानसभा चुनाव से करीब एक वर्ष पहले संगठनात्मक तैयारियों को और तेज करने की स्थिति में है। नियुक्तियों के बाद अगला चरण इन नई जिम्मेदारियों को जमीन पर उतारने और विधानसभा स्तर तक चुनावी रोडमैप को क्रियान्वित करने का होगा।
फणीन्द्र नाथ शर्मा : प्रोफाइल
वर्तमान दायित्व: हरियाणा भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) के रूप में कार्यरत रहे। वर्ष 2023 में उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई थी।
संगठनात्मक अनुभव: इससे पहले असम और त्रिपुरा का संगठनात्मक दायित्व संभाल चुके हैं।
खासियत: बूथ सशक्तीकरण, कार्यकर्ता प्रशिक्षण, मंडल स्तर की सक्रियता और माइक्रो बूथ मैनेजमेंट पर जोर।
चुनावी संगठन का अनुभव: 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारियों में बूथ समिति, पन्ना प्रमुख और विधानसभा स्तर के चुनाव प्रबंधन की समीक्षा से जुड़े रहे।
उत्तराखंड के संदर्भ में: उन्हें ऐसे समय जिम्मेदारी मिली है जब भाजपा ने प्रदेश प्रभारी के रूप में राम माधव और सह प्रभारी के रूप में बांसुरी स्वराज व अरविंद मेनन की नई टीम बनाई है।



