
हरिद्वार: भूपतवाला क्षेत्र में मैपिंग कार्य के दौरान उड़ान भर रहा आईआईटी रुड़की का करीब 40 लाख रुपये का ट्रिनिटी एफ-90 ड्रोन अचानक लापता हो गया। करीब 100 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहे ड्रोन का नियंत्रण केंद्र से संपर्क टूटने के बाद उसका पता नहीं चल पाया। घटना के अगले दिन भी ड्रोन का सुराग नहीं मिलने से मामला गंभीर हो गया है। आईआईटी रुड़की की ओर से इसकी सूचना पुलिस को दी गई है, जिसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, आईआईटी रुड़की की ओर से मैपिंग और अन्य कार्यों के लिए इस ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा था। गुरुवार को भूपतवाला क्षेत्र में उड़ान के दौरान अचानक इसका संपर्क नियंत्रण केंद्र से टूट गया। ड्रोन में पेलोड और अत्याधुनिक कैमरे लगे होने की बात सामने आई है। इसकी कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है।
ड्रोन के लापता होने के बाद यह भी चर्चा रही कि इसका इस्तेमाल अर्धकुंभ से संबंधित कार्यों के लिए किया जा रहा था। हालांकि, मेला प्रशासन ने इस दावे का खंडन किया है। अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने स्पष्ट किया कि अर्धकुंभ से जुड़े कार्यों के लिए किसी भी प्रकार के ड्रोन का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ड्रोन किसका था, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि आईआईटी रुड़की की ओर से ड्रोन के लापता होने की सूचना दर्ज कराई गई है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।



