
देहरादून: अंकिता भंडारी की चौथी बरसी पर भाजपा ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए महिला अपराधों के मामलों में कठोर कार्रवाई की प्रतिबद्धता दोहराई। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अनुकृति गुसाईं ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अंकिता हत्याकांड में मजबूत जांच और प्रभावी अभियोजन के परिणामस्वरूप दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिली है। उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष से इस संवेदनशील मामले में गिद्ध राजनीति से बचने की अपील की।
अनुकृति गुसाईं ने कहा कि घटना सामने आने के बाद सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार किया और निष्पक्ष जांच के लिए एसआइटी गठित की। आरोपितों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। जांच में करीब 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें करीब 100 गवाहों के बयान समेत महत्वपूर्ण साक्ष्य शामिल किए गए। अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते आरोपितों की जमानत अर्जियां खारिज होती रहीं और वे मुकदमे के दौरान जेल में रहे। बाद में न्यायालय ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पीड़ित परिवार की मांगों को भी प्राथमिकता दी। परिजनों की मांग के अनुसार सरकारी अधिवक्ता बदले गए और सीबीआइ जांच की मांग पर सरकार ने जांच सीबीआइ को सौंपने के आदेश किए। परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ अंकिता के भाई और पिता को नौकरी भी दी गई।
विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे वीआइपी संदर्भों पर अनुकृति ने कहा कि यदि किसी के पास ठोस तथ्य या साक्ष्य हैं तो उन्हें जांच एजेंसियों और न्यायालय के समक्ष रखा जाना चाहिए। अदालत से बाहर आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए अंकिता का मामला राजनीतिक नहीं, बल्कि न्याय और संवेदना का विषय है।



