
देहरादून : अमेरिका में आयोजित एक सुनवाई के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma को लेकर की गई टिप्पणियों पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य Mahendra Bhatt ने इसे हिंदुत्व और सनातन परंपरा की आवाज को दबाने की कोशिश करार दिया।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम (यूएससीआइआरएफ) की सुनवाई में भारत के उन मुख्यमंत्रियों को निशाना बनाया गया, जो हिंदू संस्कृति, सनातन परंपरा और राष्ट्रहित के मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुनवाई के दौरान वामपंथी-लिबरल एक्टिविस्ट रकीब अहमद नाइक ने हिंदुत्व विचारधारा, राष्ट्रवादी संगठनों और भारत की लोकतांत्रिक सरकारों के खिलाफ बयानबाजी करते हुए तीनों मुख्यमंत्रियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
भट्ट ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों को भी निशाना बनाया गया। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कुछ लोग विदेशों में जाकर भारत की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में धामी सरकार समान नागरिक संहिता, अवैध कब्जों और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर सख्त कदम उठा रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने माफिया और कट्टरपंथ के खिलाफ कार्रवाई कर कानून व्यवस्था को मजबूत किया है। असम में हिमंता बिस्वा सरमा घुसपैठ और जनसंख्या असंतुलन जैसे मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि अपनी संस्कृति, मंदिरों और पहचान की रक्षा की बात करना कोई गुनाह नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास हासिल नहीं कर पाते, वे विदेशी मंचों पर जाकर देश के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास करते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हिंदुत्व की आवाज को दबाने या बदनाम करने की किसी भी कोशिश का भाजपा और देश की जनता मजबूती से जवाब देगी।



