
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के बनाए उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। महिलाओं को सकारात्मक होकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना होगा, सरकार पूरी तरह उनके साथ है। सरकार महिलाओं में कौशल और उद्यमिता विकास से लेकर उनके बनाए उत्पादों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में मातृशक्ति संवाद एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं से सीधा संवाद किया। महिलाओं ने विभिन्न सरकारी योजनाओं को लेकर अपने विचार रखे और सुझाव भी दिए।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के कौशल और उद्यमिता विकास के लिए मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी योजना लागू की गई है। महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश की महिलाएं लगातार सशक्त हो रही हैं। हिमालय जैसी हिम्मत वाली उत्तराखंड की महिलाओं को केंद्र और राज्य सरकार की महिला केंद्रित नीतियों का विशेष लाभ मिला है।
13 जिलों के उत्पादों के लिए बनेगा बड़ा सेंटर
महिला स्वयं सहायता समूहों को बड़े कारोबारी समूहों के रूप में विकसित करने के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इसके लिए मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना संचालित कर रही है। उत्तराखंड की महिलाओं के तैयार विशिष्ट उत्पादों को ‘हाउस ऑफ हिमालय’ ब्रांड के माध्यम से नई पहचान दी गई है।
उन्होंने बताया कि देहरादून के सहस्रधारा रोड पर एक बड़ा सेंटर विकसित किया जा रहा है। यहां प्रदेश के सभी 13 जिलों की महिलाओं के बनाए विशिष्ट उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। सरकार के प्रयासों से प्रदेश की महिलाएं सिलाई और बुनाई से लेकर कारखाना चलाने तक में सक्षम हो रही हैं। उन्होंने महिलाओं से सकारात्मक होकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर भी मिलेंगे उत्पाद
जीएमवीएन और केएमवीएन के गेस्ट हाउस के माध्यम से महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला समूहों के उत्पादों को विभिन्न मेलों और आयोजनों के अलावा एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डों पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। ‘हाउस ऑफ हिमालय’ ब्रांड के उत्पाद ऑनलाइन भी बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को अपने उत्पाद की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। एक बार लोगों का भरोसा बन जाएगा तो वे खुद उत्पाद खरीदने के लिए आगे आएंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं के उत्पाद गुणवत्ता में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों पर भारी पड़ते हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना को वर्षभर लागू किए जाने पर विचार किया जाएगा।
संवाद में भावुक हुआ माहौल
संवाद के दौरान एक महिला लाभार्थी ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि जीवन में एक समय ऐसा भी आया था, जब उनका घर तक बिक गया था और बच्चे खाना खाने के लिए भी मोहताज हो गए थे। महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने दोबारा अपने परिवार को संभाला। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से समूहों को बिना गारंटी ऋण की सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है।
महिला लाभार्थी ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित गीत भी स्वत:स्फूर्त तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने ‘हमें तो मोदी ने बहुत कुछ दिया है, बहुत शुक्रिया है’ गीत के माध्यम से महिलाओं को बिना ब्याज ऋण, लखपति दीदी योजना, महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण को समर्पित नीतियों के चलते महिलाएं लगातार मजबूत हो रही हैं।
कार्यक्रम में विधायक दलीप रावत, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, नेहा शर्मा, किरण भट्ट, डॉ. प्राची कंडवाल समेत मातृशक्ति उपस्थित रही।



