देहरादून

शंटिंग के दौरान उज्जैनी एक्सप्रेस डी-रेल, टला बड़ा रेल हादसा, ठोकर से टकराया इंजन, दबाव में मुड़ गई बोगी

योगनगरी रेलवे स्टेशन पर सोमवार देर रात शंटिंग के दौरान उज्जैनी एक्सप्रेस डी-रेल हो गई। हादसे में ट्रेन की तीन बोगियां क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि ट्रेन में कोई यात्री मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद रेलवे प्रशासन, आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस में हड़कंप मच गया। देर रात तक राहत एवं बचाव कार्य की तैयारियां चलती रहीं।

ऋषिकेश: योगनगरी रेलवे स्टेशन पर सोमवार देर रात शंटिंग के दौरान उज्जैनी एक्सप्रेस डी-रेल हो गई। हादसे में ट्रेन की तीन बोगियां क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि ट्रेन में कोई यात्री मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद रेलवे प्रशासन, आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस में हड़कंप मच गया। देर रात तक राहत एवं बचाव कार्य की तैयारियां चलती रहीं।

घटना रात करीब 9:42 बजे की बताई जा रही है। उज्जैनी एक्सप्रेस शाम करीब छह बजे योगनगरी स्टेशन पहुंची थी। ट्रेन को मंगलवार सुबह सवा छह बजे उज्जैन के लिए रवाना होना था। इसी कारण रात करीब साढ़े नौ बजे ट्रेन को प्लेटफार्म से खांड गांव स्थित शंटिंग लाइन पर ले जाया जा रहा था।

बताया गया कि शंटिंग लाइन के अंतिम छोर पर लगी ठोकर से ट्रेन का इंजन टकरा गया। टक्कर के बाद पूरी ट्रेन जोरदार झटके के साथ रुक गई। इस दौरान बीच की एक बोगी पर अत्यधिक दबाव पड़ने से वह पटरी से बाहर निकल गई। दबाव इतना अधिक था कि बोगी बीच से पूरी तरह मुड़ गई।

घटना स्थल के पास मकान होने के कारण तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस और आरपीएफ ने लोगों को घटनास्थल से हटाया।

योगनगरी स्टेशन के आरपीएफ निरीक्षक सरोज कुमार ने घटना की पुष्टि की है। हालांकि रेलवे की ओर से हादसे के कारणों को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर इसे लोको पायलट की लापरवाही से जोड़कर देखा जा रहा है। देर रात तक रेलवे के रेस्क्यू उपकरणों का इंतजार किया जाता रहा। वहीं, मंगलवार सुबह यहां से रवाना होने वाली ट्रेन अपने निर्धारित समय पर जाएगी या नहीं, इसे लेकर देर रात तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी।

40 मिनट तक बंद रहा रायवाला रेलवे फाटक

सोमवार देर रात रायवाला जंक्शन पर सेना के सामान से लदी एक स्पेशल ट्रेन भी पहुंची। ट्रेन की लंबाई अधिक होने के कारण शंटिंग के दौरान वह कई बार रायवाला रेलवे फाटक से होकर गुजरी। इस दौरान फाटक करीब 40 मिनट तक बंद रहा, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

रायवाला फाटक के दूसरी ओर करीब 40 हजार आबादी वाला क्षेत्र और आर्मी कैंट स्थित है। यही सड़क प्रतीतनगर, रायवाला, खांड गांव और गौहरीमाफी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है।

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